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पà¥à¤°à¤¸à¤µà¥‹à¤¤à¥à¤¤à¤° देखà¤à¤¾à¤² और परिवार नियोजन
जनà¥à¤® देने के बाद, महिलाओं की शरीर की पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ पूरà¥à¤µ-गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ अवसà¥à¤¥à¤¾ में वापस आ जाà¤à¤—ी। यह अवधि आमतौर पर 6 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ तक रहती है और इसे सूतिकावसà¥à¤¥à¤¾ कहा जाता है। इस अवधि के दौरान उचित देखà¤à¤¾à¤² महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है। पूरी तरह से सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ होना सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करने के लिठपà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद पà¥à¤°à¤¸à¤µà¥‹à¤¤à¥à¤¤à¤° जांच की जानी चाहिà¤à¥¤ इसके अलावा, अब परिवार के नियोजन के लिठगरà¥à¤à¤¨à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• के तरीके पर चरà¥à¤šà¤¾ करने का यà¥à¤—ल के लिठयह उचित समय है, ताकि à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ के पारिवारिक जीवन के लिठà¤à¤• अचà¥à¤›à¥€ नींव डाली जा सके।
लोचिया कà¥à¤¯à¤¾ है?
पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯, पूरà¥à¤µ-गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ आकार में वापस आ जाà¤à¤—ा। योनि से बेकार ऊतक बाहर निकलते हैं जिसे लोचिया कहा जाता है।
पहले कà¥à¤› दिनों से 1 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ तक, लोचिया की मातà¥à¤°à¤¾ अधिक होती है और लाल रंग की तरह दिखाई देती है।
लोचिया का रंग गà¥à¤²à¤¾à¤¬à¥€ रंग में बदल जाà¤à¤—ा और à¤à¤• और सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ तक चलेगा।
अंत में यह सफेद सà¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤µ में बदल जाà¤à¤—ा और धीरे-धीरे कम हो जाà¤à¤—ा।
आमतौर पर लोचिया से खाली होने में 2 से 6 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ लगते हैं।
सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• को अधिक हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ सà¥à¤°à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करने के लिठउतà¥à¤¤à¥‡à¤œà¤¿à¤¤ कर सकता है जो गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ को संकà¥à¤šà¤¿à¤¤ करने और सामानà¥à¤¯ आकार में वापस लाने में मदद करता है। लोचिया के निकलने की अवधि कम हो जाà¤à¤—ी। हालांकि, उन महिलाओं के लिठजो अपने बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को बस कà¥à¤› समय के लिठसà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराती हैं, सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ बंद करने के बाद, धीरे-धीरे कम होने से पहले लोचिया गà¥à¤²à¤¾à¤¬à¥€ या सफेद रंग से वापस लाल रंग में बदल सकता है।
डॉकà¥à¤Ÿà¤° से कब सलाह लेनी चाहिà¤?
यदि लोचिया की मातà¥à¤°à¤¾ बढ़ जाती है और दà¥à¤°à¥à¤—ंध के साथ, या बà¥à¤–ार और पेट के निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ में दरà¥à¤¦ होता है, तो उचित जांच और पà¥à¤°à¤¬à¤‚धन के लिठà¤à¤• डॉकà¥à¤Ÿà¤° से परामरà¥à¤¶ किया जाना चाहिà¤à¥¤
मासिक धरà¥à¤® कब शà¥à¤°à¥‚ होगा?
यह आमतौर पर सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ नहीं कराने वाली माताओं के लिठ4-6 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ में फिर शà¥à¤°à¥‚ हो जाà¤à¤—ा। अपने बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराने वाली माताओं के लिà¤, मासिक धरà¥à¤® बाद में शà¥à¤°à¥‚ होगा।
यहां तक कि जब मासिक धरà¥à¤® अà¤à¥€ तक वापस नहीं आया है, तो यौन संबंधन बनाना फिर से शà¥à¤°à¥‚ करने पर यà¥à¤—ल को विशà¥à¤µà¤¸à¤¨à¥€à¤¯ गरà¥à¤à¤¨à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करना चाहिà¤à¥¤
मà¥à¤à¥‡ बार-बार मूतà¥à¤° कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ होता है और मूतà¥à¤° करने के दौरान जलन कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ होती है?
बार-बार मूतà¥à¤° आना या मूतà¥à¤° के दौरान जलन / दरà¥à¤¦ मूतà¥à¤° पथ के संकà¥à¤°à¤®à¤£ के लकà¥à¤·à¤£ हो सकते हैं, जो पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद महिलाओं में असामानà¥à¤¯ नहीं है। अगर आपको इनमें से कोई à¤à¥€ लकà¥à¤·à¤£ है तो कृपया डॉकà¥à¤Ÿà¤° से सलाह लें।
बहà¥à¤¤ अधिक बाल कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ à¤à¤¡à¤¼à¤¤à¥‡ हैं?
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान, खोपड़ी के अधिक बाल बढ़ने के चरण में होते हैं। पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद, सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ बदल जाती है और बाल विशà¥à¤°à¤¾à¤® के चरण में लौट आते हैं। इस पà¥à¤°à¤•ार सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ रूप से बहà¥à¤¤ सारे बाल à¤à¤¡à¤¼ जाते हैं।
यह सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद 4 से 20 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ तक रहती है। यह बिना किसी इलाज के 6 महीने के à¤à¥€à¤¤à¤° पूरी तरह से ठीक हो जाà¤à¤—ी। इसलिठचिंता करने की कोई ज़रूरत नहीं है।
बालों का à¤à¤¡à¤¼à¤¨à¤¾ कà¥à¤°à¤®à¤¿à¤• गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ के साथ कम होता जाà¤à¤—ा।
पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद आहार के बारे में कà¥à¤¯à¤¾ सलाह दी जाती है?
संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ आहार लेना चाहिठऔर पांच बà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾à¤¦à¥€ खादà¥à¤¯ समूहों जैसे दूध और विकलà¥à¤ª, मांस, मछली, अंडे और विकलà¥à¤ª (बीनà¥à¤¸ सहित), सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚, फल और अनाज (चावल, नूडलà¥à¤¸ और बà¥à¤°à¥‡à¤¡) से à¤à¥‹à¤œà¤¨ चà¥à¤¨à¤¨à¤¾ चाहिà¤à¥¤ इन पांच बà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾à¤¦à¥€ खादà¥à¤¯ समूहों से परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ à¤à¤¾à¤— माताओं को पà¥à¤°à¤¸à¤µ से उबरने और सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराने के लिठतैयार करने में मदद देगा।
चूंकि नवजात शिशà¥à¤“ं का लिवर फ़ंकà¥à¤¶à¤¨ कमजोर हो सकता है, सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराने वाली माताओं को डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥‹à¤‚ की सलाह के बिना किसी à¤à¥€ दवा का सेवन करने से बचना चाहिà¤à¥¤
पेरिनियल घाव की देखà¤à¤¾à¤² कैसे करें?
मल और मूतà¥à¤° करने के बाद हर बार घाव को शॉवर से साफ करें।
नैपकिन को लगातार बदलने और वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त सà¥à¤µà¤šà¥à¤›à¤¤à¤¾ बनाठरखने से घाव के ठीक होने में तेजी आ सकती है।
यदि घाव खà¥à¤² जाता है या संकà¥à¤°à¤®à¤£ के संकेत हैं, तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° से परामरà¥à¤¶ करें।
पेट के घाव की देखà¤à¤¾à¤² कैसे करें?
यदि टांके हटने के बाद खà¥à¤²à¤¾ होने या संकà¥à¤°à¤®à¤£ का कोई संकेत नहीं है, तो महिला पहले की तरह सà¥à¤¨à¤¾à¤¨ कर सकती है।
यदि घाव लाल है, सूजा हà¥à¤† है, गरà¥à¤® है, दरà¥à¤¦ हो रहा है या तरल पदारà¥à¤¥ बाहर निकल रहा है, तो बिना देर किठउचित जांच और पà¥à¤°à¤¬à¤‚धन के लिठडॉकà¥à¤Ÿà¤° से सलाह लेनी चाहिà¤à¥¤
पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद यौन जीवन कब शà¥à¤°à¥‚ किया जा सकता है?
जनà¥à¤® देने के बाद, शरीर को पूरà¥à¤µ-गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में वापस लौटने के लिठकà¥à¤› समय की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है। यह अवधि, जिसे सूतिकावसà¥à¤¥à¤¾ कहा जाता है, आम तौर पर 6 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ तक रहती है।
जब सूतिकावसà¥à¤¥à¤¾ खतà¥à¤® हो जाती है, तो लोचिया समापà¥à¤¤ हो जाà¤à¤—ा, गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ अपने पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक आकार में वापस आ जाà¤à¤—ा, गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ की परत ठीक हो जाà¤à¤—ी, गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ बंद हो जाà¤à¤—ी, योनि की à¤à¤¿à¤²à¥à¤²à¥€ सामानà¥à¤¯ हो जाà¤à¤—ी और पेट या पेरिनेम पर घाव ठीक हो जाà¤à¤—ा। इस समय, माठके à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• और शारीरिक रूप से तैयार होने पर यौन जीवन फिर से शà¥à¤°à¥‚ किया जा सकता है।
यौन संबंध को फिर से शà¥à¤°à¥‚ करने में कà¥à¤¯à¤¾ धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखा जाना चाहिà¤?
जब पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद यौन संबंध फिर से शà¥à¤°à¥‚ होता है, तो माठको कà¤à¥€-कà¤à¥€ अपनी योनि में सूखापन और साथ ही पेरिनेम में हलà¥à¤•े दरà¥à¤¦ या अजीब à¤à¤¹à¤¸à¤¾à¤¸ का अनà¥à¤à¤µ होगा। इसके कारण जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° मनोवैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• होते हैं। उसे यौन संबंध के कà¥à¤› समय बाद धीरे-धीरे इसकी आदत हो सकती है और ये असà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾à¤à¤‚ सà¥à¤µà¤¾à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤• रूप से दूर हो जाà¤à¤‚गी।
यौन जीवन के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ पà¥à¤¨à¤°à¤¾à¤°à¤‚ठमें अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• जोरदार हाव-à¤à¤¾à¤µ और गहरे तक पैठसे बचना चाहिà¤à¥¤ माठको जो अचà¥à¤›à¤¾ लगता है उसे पà¥à¤°à¤¾à¤¥à¤®à¤¿à¤•ता दी जानी चाहिà¤à¥¤
यदि यौन संबंध के दौरान रकà¥à¤¤à¤¸à¥à¤°à¤¾à¤µ, दरà¥à¤¦ या कठिनाइयां हो, तो चिकितà¥à¤¸à¥€à¤¯ जांच की खोज की जानी चाहिà¤à¥¤
कà¥à¤¯à¤¾ पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद यौन कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤“ं से घाव खà¥à¤² जाà¤à¤—ा?
सामानà¥à¤¯à¤¤à¤¯à¤¾, सूतिकावसà¥à¤¥à¤¾ के बाद पेरिनियल घाव ठीक हो जाà¤à¤—ा। इसलिठयौन संबंध से घाव नहीं खà¥à¤²à¥‡à¤—ा।
गरà¥à¤à¤¨à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• का उपयोग कब किया जाना चाहिà¤?
हालांकि आमतौर पर पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद पहले 4 हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ में डिंबोतà¥à¤¸à¤°à¥à¤œà¤¨ नहीं होगा, गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ से बचने के लिà¤, यà¥à¤—ल को यौन संबंध फिर से शà¥à¤°à¥‚ करने के बाद विशà¥à¤µà¤¸à¤¨à¥€à¤¯ गरà¥à¤à¤¨à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• का उपयोग करना चाहिà¤à¥¤ मातृ à¤à¤µà¤‚ शिशॠसà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ केंदà¥à¤° महिलाओं को पेशेवर गरà¥à¤à¤¨à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• सलाह पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करते हैं।
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